500 वर्षों का गौरवशाली इतिहास और अटूट भक्ति का संगम।
यह मंदिर पूरे विश्व में अपनी दिव्यता और चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ मां काली की एक ऐसी चमत्कारी प्रतिमा स्थापित है, जिसकी तुलना पूरे विश्व में किसी अन्य प्रतिमा से नहीं की जा सकती। यहाँ आए दिन विभिन्न चमत्कार होते रहते हैं, जो भक्तों की श्रद्धा को और गहरा करते हैं।
यहाँ महाकाली की प्रतिमा हर नवरात्रि में छोटी-बड़ी हो जाती है, जो एक अद्भुत दृश्य होता है। इतना ही नहीं, चैत्र क्षेत्र की नवरात्रि में माँ की प्रतिमा को पसीना भी आता है। यहाँ 500 वर्षों से एक नाग-नागिन का जोड़ा माता के पास निवास करता है, जिसे कई भाग्यशाली श्रद्धालुओं ने अपनी आँखों से देखा है।
देवी काली की शिक्षाओं और वैदिक ज्ञान के माध्यम से वैश्विक आध्यात्मिक विकास और सार्वभौमिक सद्भाव को बढ़ावा देना।
पवित्र परंपराओं को संरक्षित करना, पूर्ण सटीकता के साथ वैदिक अनुष्ठान करना और सेवा व शिक्षा के माध्यम से समाज की सेवा करना।
अनुष्ठानों में सत्यनिष्ठा, सभी भक्तों के लिए समावेशिता, और उच्च चेतना की खोज के प्रति अटूट भक्ति।
कृपया हमारी पावन सेवा के दौरान मंदिर पधारें। सभी आगंतुकों से अनुरोध है कि वे मंदिर के नियमों और पवित्रता का पालन करें।
| गतिविधि / दिन | समय | विवरण |
|---|---|---|
| प्रतिदिन दर्शन | 24 घंटे खुला | मंदिर कभी बंद नहीं होता |
| विशेष चौकी (शनिवार) | 12:00 PM - 10:00 PM | हजारों श्रद्धालु आते हैं |
| विशेष चौकी (मंगलवार) | 12:00 PM - 10:00 PM | विशेष प्रार्थना और आशीर्वाद |
| वीरवार सेवा | पूरा दिन | विशेष अनुष्ठान |
* ध्यान दें: विशेष त्योहारों और शुभ अवसरों पर समय में बदलाव हो सकता है। कृपया सूचनाओं के लिए जुड़े रहें।