समय: दोपहर 12:00 से रात 10:00 बजे तक।
हजारों श्रद्धालु माता के दरबार में माथा टेकते हैं।
प्राचीन शास्त्रों के प्रसिद्ध विद्वानों के मार्गदर्शन में।
सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक (3 दिन)